उत्तराखण्ड राज्य में स्थित एक प्राचीन रहस्मयी मंदिर

    2
    216
    उत्तराखण्ड-राज्य-में-स्थित-एक-प्राचीन-रहस्मयी-मंदिर
    उत्तराखण्ड-राज्य-में-स्थित-एक-प्राचीन-रहस्मयी-मंदिर

    उत्तराखण्ड जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है |

    यह भारत में स्थित एक ऐसा राज्य है  जिसे देवताओ की भूमि भी कहा जाता है | आपको यहा  के एक ऐसे मंदिर के बारे में एक ऐसी रहस्मय  जानकारी  पता लगेगी जिसके बारे  बहुत कम लोग जानते होंगे |  
    दीबा माँ मंदिर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित है। पुरानी मान्यताओं तथा कथाओं के अनुसार दीबा मंदिर एक प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है।

    प्राचीन कथाओं के अनुसार, यहाँ का इतिहास बहुत ही आश्चर्यजनक है | समुन्द्रतल से दीबा  मंदिर की ऊचाई  २५२० मी (2520) है |


    दीबा ने इस स्थान पर तब अवतार लिया था जब गोरखाओ  ने पट्टी खाटली  पर आक्रमण किया था , मान्यताओ  के अनुसार दीबा  ने यह के सबसे पहले पुजारी  के सपने में दर्शन दिए थे और यह अपना स्थान बताया और इसी स्थान पर उन्होंने माता की स्थापना कर  दी  थी  इस मंदिर तक पहुंचना बहुत ही मुश्किल था, क्योकी  
    यह रास्ता सीधा नहीं था बल्कि टेढ़ी -मेढ़ी गुफ़ा से होते हुए तय करना पड़ता था |

    आज भी माता का जिस स्थान  पर मूर्ति स्थापित है उस स्थान के नीचे गुफ़ा है , परन्तु गुफा अब पूर्ण रुप से धक् चुकी है |

    कहा  जाता है की इसी स्थान से माता लोगो को गोरखाओ के आने की सुचना दिया करती थी | आज भी इस स्थान से दूर – दूर तक नजर पहुँचती है | किन्तु दूर – दूर तक कही से भी नजर नहीं पहुँचती |

    उस वक़्त गोरखा लोग यहां की जनता को जिन्दा काट दिया करती थी | परन्त्तु  माता ही जनता की रक्षा करती थी | अंत में माता ने  गोरखाओ का संहार किया और पट्टीखाटली और गुजरू को आज़ाद किया |

    यहा के स्थानीय लोगो का कहना है की माता ने सफ़ेद बालो वाली बुढ़िया के रूप में श्रद्धालुओ को दर्शन भी दे चुकी है |दीबा माँ के दर्शन के लिए रात को ही चढ़ाई चढ़ कर सुर्योदय  से पहले पहुंचना होता है | वहा से  सुर्योदय  के दर्शन बहुत शुभ माना जाता है | दीबा  मंदिर एक ऐसा मंदिर है जहाँ पहुँचकर  भक्तों  कि हर  मानोकामना पूर्ण  होती है |

    2 COMMENTS

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here